समस्त ब्लॉग/पत्रिका का संकलन यहाँ पढें-

पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका

10/13/07

प्यार और वफ़ा की तस्वीर

हर पल साथ निभाने का था वादा
हम भी अपनी उम्मीद का आकाश
उन पर टिकाये बैठे थे
अब न उनका पता लगता है
न उनके वादों के पूरे होने की
उम्मीद दिखाई देती हैं
यह दिल का खेल है जिसमें
जीत बदर्दों की होती हैं
दर्द वालों की तस्वीर और तकदीर
दोनों रोती दिखाई देती हैं
टूटने के लिए नही होते तो
वादे इस धरती पर पैदा ही क्यों होते
धोखे नहीं होते यहाँ पर
तो विश्वास के कद्रदान ही क्यों होते
जिन्दगी के इस खेल में
हँसते वही हैं जो किसी को रुलाते हैं
उनको कभी किसी तस्वीर में
प्यार और वफा नहीं दिखाई देती

2 comments:

durga said...

bahut badiya likha hai. shukriya

रवीन्द्र प्रभात said...

पढ़कर अच्छा लगा,बहुत खूब!

हिंदी मित्र पत्रिका

यह ब्लाग/पत्रिका हिंदी मित्र पत्रिका अनेक ब्लाग का संकलक/संग्रहक है। जिन पाठकों को एक साथ अनेक विषयों पर पढ़ने की इच्छा है, वह यहां क्लिक करें। इसके अलावा जिन मित्रों को अपने ब्लाग यहां दिखाने हैं वह अपने ब्लाग यहां जोड़ सकते हैं। लेखक संपादक दीपक भारतदीप, ग्वालियर

विशिष्ट पत्रिकायें